This is written by me when we were asked to define "What Success means to me?" in our seminar for MBA. Hope You will like it
जहाँ चाह है वहां राह है
जहाँ सपने है वहीँ हकीकत है
अपनी उमीदों कू उदा के तोह देखो दोस्तों
जीत तो तुम्हारी वसीहत है
और न जीते तोह गम कैसा
चलना तो जिन्दगी की ज़र्रूरत है
मुकाम न सही राहों को ही जीत बना लो
यह तोह ज़िन्दगी जीने की नजाकत है
और जिसने यह नजाकत सीख ली है जीत उसकी कदमो में है
यह ही ज़िन्दगी की रीत यह ही ज़िन्दगी की हकीकत है
जहाँ चाह है वहां राह है
जहाँ सपने है वहीँ हकीकत है
अपनी उमीदों कू उदा के तोह देखो दोस्तों
जीत तो तुम्हारी वसीहत है
और न जीते तोह गम कैसा
चलना तो जिन्दगी की ज़र्रूरत है
मुकाम न सही राहों को ही जीत बना लो
यह तोह ज़िन्दगी जीने की नजाकत है
और जिसने यह नजाकत सीख ली है जीत उसकी कदमो में है
यह ही ज़िन्दगी की रीत यह ही ज़िन्दगी की हकीकत है